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IPO Investing क्या होती है? और इसमें कैसे करें निवेश?

IPO Investing की प्रक्रिया (Process of IPO) IPO Investing (Initial Public Offering) फिक्स्ड प्राइस या बुक बिल्डिंग या दोनों तरीकों से पूरा हो सकता है। फिक्स्ड प्राइस मेथड में जिस कीमत पर शेयर पेश किए जाते हैं, वह पहले से तय होती है। बुक बिल्डिंग में शेयरों के लिए कीमत का दायरा तय होता है, जिसके भीतर निवेशकों को बोली लगानी होती है। प्राइस बैंड यानी कीमत का दायरा तय करने और बोली का काम पूरा करने के लिए बुकरनर की मदद ली जाती है। बुकरनर का काम आमतौर पर निवेश बैंक या सिक्योरिटीज के मामले की विशेषज्ञ कोई कंपनी करती है। Fixed Price Method में 100% अग्रिम भुगतान किया जाता है और आवंटन के बाद राशि लौटाई जाती है, जबकि Book Building Method में आवंटन के बाद भुगतान किया जाता है। Fixed Price Method में आवंटन का 50% – 2 लाख से नीचे के निवेश के लिए आरक्षित होता है और शेष उच्च राशि वाले निवेशकों के लिए,

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आईपीओ क्या है? What is IPO? और क्यों लाया जाता है?

आईपीओ क्या है? What is IPO, क्यों लाया जाता है, और इसकी क्या प्रक्रिया होती है। इसमें Investment (निवेश) करना चाहिए या नहीं और यदि हाँ तो क्या-क्या ध्यान रखें। आइये इसे हम दो भागों में समझने की कोशिश करते हैं। Share Bazaar और Investment में बहुत से ऐसे पहलू हैं जिनसे अक्सर हम लोग अनजान होते हैं। हम लोग सामान्य बैंकिंग और बीमा (Insurance) के बारे में जानकारी तो रखते हैं, लेकिन Investment के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। जैसे Share Bazaar (शेयर बाजार), Mutual Fund (म्यूचुअल फंड), Bonds (बान्ड्स), IPO (आईपीओ) आदि ऐसे शब्द हैं जिनके बारे में हम सुनते ज़रूर हैं, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं होती हैं। IPO (आईपीओ) इन्ही में से एक है। क्या है IPO? ये कैसे काम करता है? इसमें निवेश की क्या संभावनाएं हैं? ऐसे सभी सवाल जो हमारे मन में आईपीओ को लेकर हैं, आज हम यहां आसानी से इसके बारे में समझे

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Financial Goals पूरा करने के लिए हमारी Financial Planning कैसी होनी चाहिए?

Financial Goals (वित्तीय लक्ष्य) कितने तरह के होते है? Financial Goals पूरा करने के लिए हमारी Financial Planning कैसी हो आइये देखते हैं। दोस्तों वित्तीय लक्ष्य पूरा करने के लिए हमारे पास उपलब्ध समय के आधार पर देखे तो कुल वित्तीय लक्ष्य तीन प्रकार के होते है: 1. Short Term Goals: वो Goals जिनको पूरा करने के लिए हमारे पास 1 साल से कम का समय है। 2. Medium Term Goals: वो Goals जिनको पूरा करने के लिए हमारे पास 1 साल से ज्यादा और 5 साल से कम का समय उपलब्ध है। 3. Long Term Goals: जिनको पूरा करने के लिए हमारे पास 5 साल से ज्यादा का समय उपलब्ध है। हमारे Financial Goals हमेशा S.M.A.R.T. (Specific, Measurable, Achievable, Realistic,Time Bound.) होने चाहिए। साथ ही वित्तीय लक्ष्य बिलकुल स्पष्ट होने चाहिए जैसे:  हमें क्या चाहिए, कब चाहिए, क्यों चाहिए और हमें कैसे प्राप्त होगा, आदि-आदि। जैसे –  आज

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